- 10 दिसंबर से शुरू होगा सात दिवसीय मेला
- समिति ने डीएम से की मुलाकात कर व्यवस्था का उठाया मुद्दा
गोपेश्वर (चमोली)। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राजकीय मेले का दर्जा पाने वाले मैठाणा मेले को भव्य रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। 10 से 16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले अलकनंदा पर्यटन, सांस्कृतिक एवं ग्रामीण कृषि विकास मेले के लिए मेला समिति ने जिला प्रशासन से व्यवस्थाएं समय पर पूरी कराने की मांग की है। समिति ने वर्ष 2024-25 में मेला मंच और अन्य निर्माण कार्यों के लिए जारी 65 लाख रुपये के टेंडर की वित्तीय स्वीकृति लंबित होने का मामला भी उठाया है।
गुरुवार को मेला समिति के सचिव राकेश खनेड़ा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी गौरव कुमार से मुलाकात की। समिति की पूर्व उपाध्यक्ष उषा रावत सहित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पूर्व में मेले के आयोजन में जिला प्रशासन की ओर से दिए गए सहयोग के लिए डीएम को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया। इस दौरान आगामी मेले की तैयारियों और निर्माण कार्यों को लेकर चर्चा हुई।
समिति ने बताया कि मैठाणा में पिछले 11 वर्षों से आयोजित हो रहा यह मेला बदरीनाथ और थराली विधानसभा क्षेत्रों के लोगों की साझा भागीदारी का केंद्र रहा है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न विकासखंडों से लोग मेले में पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने आठ जुलाई को गोपेश्वर आगमन के दौरान थराली विधानसभा क्षेत्र के लिए मेले को राजकीय मेला घोषित किया था। संस्कृति विभाग ने 17 जुलाई को इसे राजकीय मेला सूची में शामिल करने का आदेश भी जारी कर दिया है।
समिति ने डीएम से मेला मंच और अन्य निर्माण कार्यों के लिए पूर्व में जारी 65 लाख रुपये के टेंडर को वित्तीय स्वीकृति दिलाने की मांग की। इसके अलावा मैठाणा मुख्य मार्ग से मेला मैदान तक सड़क की मरम्मत और सुधारीकरण, मैदान में शौचालय, बिजली और पेयजल की व्यवस्था करने का आग्रह किया। मेले के दौरान विभिन्न विभागों के जनकल्याणकारी कार्यक्रम और स्टॉल लगाने की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।
मेला समिति ने तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाने और डीएम से मेला मैदान का निरीक्षण करने का आग्रह किया, ताकि आयोजन से पहले जरूरी व्यवस्थाएं पूरी की जा सकें।
