नन्हे हाथों ने संवारी ‘शिशु नगरी’

ज्योर्तिमठ। भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को शिक्षा का आधार बनाने वाली संस्था ‘विद्या भारती’ के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर ज्योतिर्मठ द्वारा गुरुवार को भव्य ‘शिशु नगरी कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रांगण और केशव सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और कौशल से उत्तराखंड की पारंपरिक जीवनशैली और सनातन धर्म के आदर्शों को जीवंत कर दिया।

​प्रदर्शनी में दिखा आधुनिक शिक्षा और परंपरा का संगम

​कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इसमें बच्चों ने उद्यानीकरण, कृषि, संस्कारों, भारतीय सभ्यता और एक आदर्श परिवार की रूपरेखा को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों ने न केवल उत्तराखंडी रहन-सहन का प्रदर्शन किया, बल्कि सनातन धर्म और हिंदू संस्कारों के प्रति अपनी निष्ठा दिखाकर अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देशभक्ति और पारंपरिक लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी गई।

​कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं उपाध्यक्ष, बद्री-केदार मंदिर समिति ऋषि प्रसाद सती ने इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विद्या भारती के मूल्यों का उत्कृष्ट संगम बताया। उन्होंने कहा कि ‘शिशु वाटिका’ के माध्यम से 12 व्यवस्थाओं और 14 क्रियाकलापों के जरिए बच्चों की शिक्षा को सुचारू बनाया जा रहा है, जिसमें ‘शिशु नगरी’ एक मील का पत्थर है। मुरलीधर चन्दोला (मुख्य वक्ता एवं सम्भाग निरीक्षक ने कहा ‘शिशु वाटिका’ छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशंसा की कि हर बच्चा अपनी सौंपी गई भूमिका में पूरी तरह रम गया है, जिससे विद्यालय में सीखने का एक सकारात्मक वातावरण बना है। जयदीप मन्द्रवाल (सभासद, वार्ड डाडों-अपर बाज़ार): उन्होंने इसे कौशल विकास का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों द्वारा बनाई गई चाय का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन से ही दैनिक जीवन के व्यावहारिक कार्य सीखना बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी होगा।

​इस अवसर पर पुष्कर सिंह गढ़वाल (प्रबंधक, इंडियन बैंक), श्रीमती रीना कुँवर (प्रधान, ग्राम सभा डूँग्रा) और कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमान शम्भू प्रसाद चमोला (प्रधानाचार्य, स.वि.म.इ.का. ज्योतिर्मठ) ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया वही विद्यालय के प्रधानाचार्य रणजीत सिंह राणा , जानकी प्रसाद डिमरी, सन्तोष भण्डारी,शिशु वाटिका संयोजिका: सुश्री रिंका नेगी, श्रीमती गीता चौहान, श्रीमती पूनम पंवार आदि मौजूद रहे

​ कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अभिभावकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे अपनी जड़ों और संस्कृति से भी मजबूती से जुड़ते हैं।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सीएम धामी ने घनसाली में किया 41.21 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

Fri Feb 27 , 2026
‘पिलखी पीएचसी का सीएचसी में किया गया उच्चीकरण, घनसाली को मिली विकास योजनाओं की सौगात‘ देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को जनपद टिहरी के घनसाली में 41.21 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 13.43 करोड़ रूपए की 03 योजनाओं का लोकार्पण एवं 27.78 […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!