वित्तीय जानकारी से सशक्त होंगी ग्रामीण महिलाएं, सीएलएफ के लिए कार्यशाला आयोजित

  • कोट विकासखंड में एनआरएलएम के तहत वित्तीय समावेशन पर अभिमुखीकरण, 30 स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने लिया प्रशिक्षण

कोट। ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड कोट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत एक दिवसीय वित्तीय समावेशन अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी अमित बिजल्वाण ने की। इसमें विकासखंड एवं सामुदायिक स्तर के संघ (सीएलएफ) से जुड़े पदाधिकारियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को वित्तीय योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी गई।

बैंकिंग से ऋण प्रबंधन तक दी गई जानकारी

कार्यशाला में ग्रामीण वित्त समन्वयक धनंजय प्रसाद भट्ट ने एनआरएलएम के तहत संचालित वित्तीय समावेशन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं घटकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सक्षम केंद्र, लखपति दीदी योजना, बैंकिंग सेवाओं, स्वयं सहायता समूहों की बैंक से संबद्धता, ऋण प्रबंधन और वित्तीय साक्षरता के संबंध में प्रतिभागियों को जानकारी दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से प्रभावी ढंग से जोड़ने तथा उपलब्ध वित्तीय सेवाओं का सही उपयोग करने पर भी जोर दिया।

बीमा योजनाओं और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव पर चर्चा

एलआईसी प्रतिनिधि ने बीमा सखी की भूमिका और विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। कार्यशाला में बैंकिंग संवाददाता सखी, स्वयं सहायता समूह-बैंक संबद्धता, गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए), सामुदायिक बैंकिंग एवं ऋण प्रबंधन बैठक, आईईएलए और भुली योजना सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बीमा सेवाओं की उपयोगिता के साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।

तीन सीएलएफ से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों ने लिया भाग

कार्यशाला में विभिन्न गांवों से तीन सामुदायिक स्तर के संघों (सीएलएफ) से जुड़े 30 स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने प्रतिभाग किया। इसके साथ ही एनआरएलएम एवं रीप परियोजना के कार्मिक भी कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना, उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए जागरूक करना रहा।

योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किया जागरूक

कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि वित्तीय जानकारी और बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, बीमा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।

इस अवसर पर सीएलएफ पदाधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, सीएफएल एवं बैंक प्रतिनिधि, एलआईसी प्रतिनिधि तथा एनआरएलएम एवं ग्रामोत्थान परियोजना के कार्मिक मौजूद रहे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

BLO और फील्ड स्टॉफ को प्रोत्साहित करें जिलाधिकारी – सीईओ

Mon Aug 10 , 2026
देहरादून : मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शनिवार को कुमांऊ-गढ़वाल के मंडल आयुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के डीईओ को निर्देश देते हुए कहा कि बूथ लेवल अधिकारी और […]

You May Like

Share
error: Content is protected !!